पारिवारिक सलाहकार

अगर घर-परिवार अच्छा चले तो व्यक्ति का जीवन स्वर्ग-सा हो जाता है.... परन्तु आज की दोड-धूप के जीवन में लोग रिश्ते खो रहे है.. ना ही रिश्तों का मूल्य पहंचाते है... दुर्भाग्य से परिवार टूटने के कगार पर आ खड़ा हो जाता है | यहाँ तक व्यक्ति तनाव में रहने लगता है | मानसिक रोगी हो जाता है | इसलिए व्यक्ति को परिवार के किस तरह सामंजस्य बिठाना चाहिए इसके लिए पहले तो हमारे यहाँ संयुक्त परिवार प्रथा थी जिसकी वजह से मुफ्त में यह सब सिखने को और तालमेल रखने हेतू प्रेरित कर दिया जाता था, परन्तु अब एकांकी परिवारों की चलन से लोग दु:खी है | अत: हमारा एक प्रयास है मनोविकारों से व्यक्ति को स्वच्छ करना |