एड मेकर

सेवा, धर्म, श्रधा, आस्था, ओर संस्कारों का अगर समाज मे रोपण करण करना है तो इसका प्रचार- प्रसार करना बहुत आवशयक है। अन्यथा लोगों जब तक इन कार्यों मह्त्व मालूम नही होगा तब तक वो अपने भीतर इन्हें व नही उतारेंगे। इसलिये लेखक के भाव है कि समाज मे धर्म, सेवा, आस्था, भावना संस्कारों की स्थापना के लिये आपके प्रयासो को एक थीम के जरिये दुनियां मे पेश करना। तकि हर व्यक्ति को आपका प्रक्ल्प भा जाएँ ।

हम एड तैयार करके देंगे .... जन – जन तक पँहुचाने मे आपकी मद्द ।

एक दार्शनिक ने ठीक ही कहा है – जिंदगी को करीब से देखें तो त्रासदी दिखती और दुर से देखो तो कोमेडी ।